इंदौर: देवी अहिल्याबाई की 230वीं पुण्यतिथि 22 अगस्त को शहर में परंपरागत रूप से मनाई जाएगी. इस अवसर पर राजसी ठाट-बाट से पालकी यात्रा निकाली जाएगी, जिसे ध्वनि प्रदूषण मुक्त रखा जाएगा. आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को उषा नगर स्थित उषाराजे परिसर में वृहद बैठक आयोजित हुई. इसमें समाज के प्रतिनिधि, ग्रामीण कार्यकर्ता, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और अहिल्या भक्त बड़ी संख्या में शामिल हुए.
बैठक को संबोधित करते हुए उत्सव समिति की अध्यक्ष और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि यह आयोजन शहर की प्रतिष्ठा का प्रसंग है और इसमें अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि पालकी यात्रा में डीजे नहीं होंगे, बल्कि सेना की शौर्यगाथा पर आधारित झांकियां शामिल होंगी. यात्रा में शंख बजाती बंगाली महिलाएं, बटुक और दुर्गा वाहिनी की सशस्त्र युवतियां भी सहभागिता करेंगी.
कार्यक्रम दोपहर 3.30 बजे गांधी हाल में आरंभ होगा और शाम 5 बजे से पालकी यात्रा निकलेगी. इस अवसर पर प्रतियोगिताओं के संयोजकों को सम्मानित किया गया. बैठक में अशोक डागा, शरयू ताई वाघमारे, शहर काजी इशरत अली कादरी, देवराज सिंह परिहार सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे. संचालन प्रकाश पारवानी और आभार सुधीर देड़गे ने व्यक्त किया.
