स्वच्छ सर्वेक्षण में सागर को देश में 10 वीं रैंक 

सागर।स्वच्छ सर्वेक्षण में सागर नगर निगम को देश में 10वीं रैंक मिलने पर महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने शहरवासियों एवं नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों,सफाई मित्रों को बधाई दी है। उन्होंने सागर को स्वच्छ बनाने में सहयोग करने वाले नगर निगम के सफाई कर्मियों, निगम कर्मियों, शहरवासियों, जनप्रतिनिधियों और हर वर्ग के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि सबके सहयोग से अभी टॉप-10 में आने का संकल्प पूरा किया है। अगली बार देश में सागर को नंबर-1 बनाने का काम भी हम सबके सहयोग से करेंगे।

महापौर ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में देश में सागर को 10 वीं रैंक मिलने पर नगर निगम द्वारा सभी स्तरों पर प्रयास किये गये,जगह-जगह कचरे के ब्लैक, रेड स्पाट को समाप्त कराये, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई के कार्य लगातार किये गये, शहर में ऐसी सड़कों का निर्माण किया गया जहां पर हमेशा गंदगी बनी रहती थी, नई सड़कों एवं चौराहों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण से शहर की स्वच्छता को नई दिशा मिली। शहर के सभी 48 वार्डाे में नियमित रूप से साफ-सफाई के कार्य किये गये तथा लोगों को घरों एवं दुकानों से निकलने वाले कचरे को कचरा गाड़ी में डालने हेतु जागरूक किया गया। विभिन्न स्थानों पर नगर निगम द्वारा पौधारोपण के कार्य किये गये।

महापौर ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या रेल्वे की जमीन से सीवर लाईन बिछायी जाना थी जिसकी अनुमति न मिलने के कारण सीवर प्रोजक्ट का कार्य कई वर्षाे से लंबित था, जिसकी स्वीकृति दिलायी और सीवर प्रोजेक्ट का कार्य पूर्ण हुआ, अगर यह कार्य नहीं होता तो सागर को वाटर प्लस की उपलब्धि प्राप्त नहीं होती जिसकी 10 वीं रैंक प्राप्त होने में महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके साथ ही शहर के सभी 48 वार्डाे में पार्षदों ने स्वच्छता के लिये कार्य किया तथा वार्डाे की जो भी समस्यायें स्वच्छता से जुड़ी थी उन्हें प्राथमिकता से समय- समय पर ठीक कराया। महापौर ने कहा कि सागर को 10 वीं रैंक प्राप्त होने में शहरवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है क्योंकि उन्होंने स्वच्छता के लिये बढ़-चढ कर फीड बैक दिया तथा शहर में किसी भी जगह कचरा एकत्रित न हो इसके लिये लोगों को मटका खाद बनाने के लिये प्रेरित किया जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुये और वार्डाे की गली भी स्वच्छ रहने लगी तथा लोगों का स्वच्छता के प्रति व्यवहार में परिवर्तन आया।

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