इंदौर: नगर निगम आज तक शहर के घर घर पहुंचने वाले पानी को शुद्ध नहीं कर पाया है,ऐसा ही दूषित पानी का मामला वार्ड क्रमांक 85 में देखने को मिला है. इस वार्ड के अधिकतम क्षेत्र में दूषित पानी ही पहुंच रहा है जिससे वार्ड वासी त्रस्त हो चुके हैं. वार्ड के ही द्वारकापुरी 60 फीट रोड के पीछे बगीचे वाले रोड पर देखने को मिला है यहां घरों घर जल योजना के अंतर्गत नर्मदा का पानी पहुंचाया गया लेकिन घरों के नलों में जो पानी लोगों को मिलता है वह गंदा और बदबूदार होता है, जो पीने के योग नहीं होता. न ही उससे कुछ बना सकते हैं.
ऐसे में लोगों को आसपास के क्षेत्र में लगे बोरिंग का सहारा लेना पड़ता है. बताया तो यह भी जाता है कि ज्यादा शिकायत करने पर अधिकारी खुद आकर बोल जाते हैं कि उपभोक्ता खुद अपने खर्चे से खराब पॉइंट को ढूंढकर मरम्मत करवा लें या फिर कर्मियों को देखकर उनसे करवा लें. मध्यम वर्ग परिवार मजबूरन इधर-उधर से पानी की जुगाड़ करते रहते हैं.
इनका कहना है
पिछले कई समय से क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या चल रही है. कई बार शिकायत की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ. तीन महीने से 30 रुपए में पानी खरीद कर लाना पड़ रहा है.
– रितेश श्रीवास्तव
पानी तो हर रोज एक से डेढ़ घंटे आता है लेकिन ज्यादा गंदा होता है, जो इस्तेमाल करने योग्य नहीं है. उस पानी से अगर नहाते हैं तो खुजली की बीमारी हो जाती है.
– उषा बाई सोन
बरसात कारण नहीं है. कई महीनों से हर रोज गंदा पानी आता है. मजबूरन वही इस्तेमाल करना पड़ता है. आए दिन परिवार में कोई न कोई बीमार होता है शुद्ध पानी कहां से लाएं.
– रूबी कोटवाल
