उमरिया:मानपुर जनपद पंचायत में आयोजित विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार करने पर ग्राम पंचायत पनपथा के सचिव राजेंद्र प्रताप द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत उमरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की है।
बैठक में अभद्रता, फिर बुलाए गुंडे
आदेश के अनुसार, 17 अक्टूबर को जनपद पंचायत मानपुर में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक चल रही थी। बैठक में जब ग्राम पंचायत पनपथा के सचिव राजेंद्र प्रताप द्विवेदी से योजनाओं की प्रगति और कार्यों के संबंध में जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने बैठक के दौरान सीईओ से अभद्रता करते हुए कहा कि जो करना है, कर लो। इसके बाद वह बैठक छोड़कर बाहर चले गए।
थोड़ी देर बाद सचिव द्विवेदी ने लगभग 20 से 25 लोगों को बुलाकर जनपद कार्यालय के भीतर घुसने और हंगामा करने की कोशिश की। इस दौरान कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और शासकीय कार्य बाधित हुआ।
सीईओ ने की सख्त कार्रवाई
सीईओ अभय सिंह ने आदेश में कहा है कि सचिव का यह आचरण न केवल अनुशासनहीनता है बल्कि यह शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाला गंभीर कृत्य है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत पनपथा सचिव का यह कृत्य मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के विपरीत है।
इस आधार पर सचिव राजेंद्र प्रताप द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत मानपुर निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
FIR दर्ज कराने के निर्देश
सीईओ जिला पंचायत उमरिया ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सचिव राजेंद्र प्रताप द्विवेदी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही मामले की पूरी जांच कर तीन दिनों के भीतर आरोप पत्र तैयार कर जिला पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है।
