इंदौर: नगर निगम के कई प्रयासों के बावजूद आज भी शहर के कई क्षेत्रों में रहवासी जलसंकट का सामना कर रहे हैं. लोग जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों से पानी की किल्लत दूर करने की गुहार लगाते आ रहे हैं. लेकिन, अफशरशाही झूठ परोसते हुए नर्मदा योजना को कामयाब बताने में लगी रहती है. बूंद-बूंद पानी के लिए यहां-वहां भटकते लोगों की शिकायत पर कोई भी संज्ञान नहीं लेता.
शहर के वार्ड 75 में भी पानी का संकट बना हुआ है. जल आपूर्ति को लेकर नगर निगम के अधिकारियों के दावे विफल ही दिखाई दे रहे हैं. क्षेत्र में लोग पानी के लिए संघर्ष करते देखे जा सकते हैं. वार्ड के हिम्मत नगर की बात की जाए तो यह क्षेत्र शहर से कुछ कटा-कटा सा दिखाई देता है. यहां अधिकांश मजदूर वर्ग के लोग निवास करते हैं. सुविधाओं को लेकर यहां के रहवासियों से बात की गई तो पानी की विकट समस्या सामने आई.
हालांकि, क्षेत्र में बोरिंग लगा है, लेकिन उससे पूति नहीं हो पा रही है. क्षेत्र के कुछ स्थान ऐसे हैं, जहां बोरिंग का पानी पहुंच ही नहीं पाता. ऐसे में हर रोज लोगों को आसपास के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता है. जिन परिवारों में ज्यादा सदस्य हैं, उन्हें निजी टैंकर बुलाना पड़ता है, जिसका उन्हें शुल्क भी अदा करना पड़ता है. रहवासियों द्वारा नगर निगम अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जाता है, तो उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है. समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है.
यह बोले रहवासी
क्षेत्र में पानी की किल्लत पिछले कई सालों से बनी हुई है, जो आज तक दूर नहीं हो सकी. हमें बताया गया था कि एक और बोरिंग पास हो गया है, लेकिन वह भी अभी तक नहीं लग पाया है.
– सीमा आड़तीय
क्षेत्र में जो बोरिंग लगा हुआ है, उससे सभी दूर पानी नहीं मिल पाता, इसलिए 400 रुपए प्रति महीना देकर निजी बोरिंग से पानी लेते हैं. अगर वह खराब हो गया तो फिर यहां-वहां भटकना पड़ता है.
– उषा मोहनिया
क्षेत्र में पानी की किल्लत बहुत ज्यादा है. हम लोग इस समस्या से काफी परेशान हैं. पानी तो जीवन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है, इसके लिए हर दिन यहां-वहां भागना पड़ता है. क्षेत्र में एक बोरिंग और होना चाहिए.
– राधा बाई
क्षेत्रवासियों से चर्चा कर समस्या के निराकरण की कोशिश करूंगा
क्षेत्र में सरकारी बोरिंग किया हुआ है, जो पर्याप्त है, फिर भी आप जहां का बता रहे हैं मैं वहां पहुंचकर लोगों से इस संदर्भ में बात करके निराकरण करवाने की कोशिश करूंगा.
– कुणाल सोलंकी, पार्षद
