
छिंदवाड़ा. पिछले दिनों जहरीला कफ सिरप पीने के बाद किडनी फेलियर होने से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. नागपुर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान आज छिंदवाड़ा के ककई बोहना निवासी 3 वर्षीय अंबिका विश्वकर्मा ने दम तोड़ दिया है. बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर जिले में 22 हो चुका है. बता दें कि जिले के परासिया क्षेत्र में किडनी फैलियर के मामले सामने आना शुरू हुए थे. इन मासूमों का इलाज डॉ प्रवीण सोनी, डॉ अमन सिद्धिकी और डॉ ठाकुर के यहां किया गया था. इन मासूमों के पर्ची में सभी डाक्टरों ने कोल्डरिफ कफ सिरफ लिखा था. इस कफ सिरप पीने के बाद ही बच्चों की हालत बिगडऩे लगी. सभी बच्चों में एक जैसे बीमारी के लक्ष्ण देखने मिले. उन्हें उल्टियां हुई, इसके बाद पेशाब होना बंद हो गई. बच्चों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया. जहां से सभी बच्चों को नागपुर रेफर किया गया था. नागपुर में इलाज के दौरान अधिकांश बच्चों की मौत हो गई. प्रशासन भी 6 बच्चों की मौत के बाद जागा था. तब तक दो दर्जने से अधिक बच्चे इस जहरीले कोल्डरिफ कफ की चपेट में आ चुके थे.
