
शाजापुर।एबी रोड स्थित कृषि उपज मंडी में मंगलवार देर रात ट्रक की चपेट में आने से एक हम्माल की मौत हो गई थी. इस मामले को लेकर परिजनों और हम्मालों ने बुधवार सुबह से मंडी गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, मंडी में हम्मालों ने खरीदी नहीं होने दी. मंडी के बाहर शहरी हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. मजदूरों ने मांग की कि रात 8 बजे बाद मंडी मेें वाहनों की एंट्री न की जाए. घटना की जानकारी लगते ही मौके पर नायब तहसीलदार, एसडीओपी और कोतवाली थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे. नायब तहसीलदार नाहिदा अंजुम और एसडीओपी गोपालसिंह चौहान ने परिजन और हम्मालों को समझाइश देकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. तब जाकर 2 घंटे बाद मंडी में खरीदी चालू हुई. परिजनों और हम्मालों ने मंडी प्रशासन पर आरोप लगाया रातभर मंडी के अंदर वाहनों की आवाजाही लगी रहती है. जबकि रात के 8 बजे बाद मंडी गेट बंद हो जाना चाहिए, परिजनों ने कमल के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाने की भी मांग की. जानकारी के अनुसार मंगलवार देर रात को मंडी में सौ रहे हम्माल कमल 35 पिता बंसीलाल निवासी रसूलपुर पर एक ट्रक रिवर्स होने के दौरान चढ़ गया, जिससे कमल की मौत हो गई. मृतक के परिवार में पत्नी और तीन छोटी बेटियां हैं. कमल के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. ट्रक चालक की लापरवाही से कमल की मौत हो गई. सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक चालक को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया. अस्पताल पुलिस चौकी प्रभारी एसआई बाबूलाल डाबी ने बताया कि शव का पीएम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है. आगे की जांच कोतवाली पुलिस द्वारा की जा रही है. इस मामले में नायब तहसीलदार नाहिदा अंजुम ने बताया कल रात को एक दुर्घटना हो गई थी. इसको लेकर हम्मालों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मंडी गेट पर धरना दे दिया था. हम्मालों ने लिखित में मांग पत्र सौंपा हैए मंडी प्रशासन और जिला प्रशासन उक्त मांग पत्र पर उचित कार्रवाई करेगा. इस मामले को लेकर संदीप राठौर और हम्मालों ने बताया मंडी में रात भर वाहनों की आवाजाही लगी रहती है. रात आठ बजे बाद मंडी में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए. ट्रक चालक की लापरवाही से हमारे साथी की मौत हुई है. उन्होंने बताया कि इसके पहले भी मंडी में हम्मालों के साथ दुर्घटना हुई है. लगभग 2 घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में समझाइए देने के बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ और मंडी फिर से शुरू हो सकी.
