
रीवा। रीवा में इस बार पुष्य नक्षत्र मंगलवार और बुधवार दो दिन रहा. शुभ मुहूर्त में लोगो ने खरीददारी की. मंहगाई की मार के चलते बाजार में तेजी नही देखी गई.
हालाकि जीएसटी में राहत दिये जाने के बाद कुछ उम्मीद से कम खरीददारी हुई. फिर भी 100 करोड़ के आसपास कारोबार जिले भर में हुआ है. गौरतलब है कि पुष्य नक्षत्र मंगलवार और बुधवार दोपहर तक रहा. इस दौरान लोगो ने सोने-चांदी के जेवरात सहित बर्तन, गाडिय़ां आदि की खरीददारी की. जिले भर में जिस तरह से कारोबार होना चाहिये उस तरह नही हुआ. व्यापारी उदास रहे, जिस तरह से तैयारी थी उस उम्मीद के साथ बिक्री नही हुई. जीएसटी में राहत दी गई, लिहाजा कारोबार कुछ हद तक ठीक रहा. मंहगाई की मार भारी पड़ी, आटो मोबाइल्स एवं इलेक्ट्रानिक उपकरण सहित मोबाइल की बिक्री ठीक ठाक हुई. सोना-चांदी के दाम आसमान में रहे, जिसके कारण खरीददारी पर साफ असर देखने को मिला. पुष्य नक्षत्र में जिस तरह से बाजार में रौनक नही थी उसको लेकर दो दिन बाद आने वाले धनतेरस को लेकर व्यापारी आशा में है कि कारोबार अच्छा होगा. इस बार मंहगाई साफ तौर पर देखी जा रही है. पुष्य नक्षत्र से बाजार उठने लगता था पर इस बार बहुत ही फीका है. फिर भी जिले भर में लगभग 100 करोड़ की खरीददारी की गई है. अब देखना यह है कि धनतेरस में व्यापार कितना होता है. दुल्हन की तरह दुकाने सजकर तैयार है. सर्राफा व्यापारी कारोबार को लेकर चिंतित है. दरअसल सोने और चांदी के दाम तेजी से बढ़ते जा रहे है कम नही हो रहे. ऐसे में सर्राफा कारोबारी कारोबार को लेकर उलझन मे है कि बिक्री होगी कि नही.
