रूस ने भारतीय श्रमिकों की भर्ती संबंधी रिपोर्टों को खारिज किया

मास्को, 10 जुलाई (वार्ता) रूस के श्रम मंत्रालय ने आज उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वह 2025 के अंत तक भारत से 10 लाख श्रमिकों की भर्ती करने की योजना बना रहा है।
मॉस्को टाइम्स ने बुधवार को यूराल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रमुख आंद्रेई बेसेदिन के हवाले से कहा था कि भारतीय कामगारों के आने से देश में बढ़ती श्रमिकों की कमी दूर होगी। श्री बेसेदिन ने कहा था कि रूस वर्तमान में विशेष रूप से स्वेर्दलोवस्क क्षेत्र में श्रमिकों की कमी का सामना कर रहा है।इस बीच रूस के उद्योगपतियों और उद्यमियों के संघ ने भारत में व्यावसायिक प्रशिक्षण स्कूल बनाने का विचार पेश किया है ताकि विशेष रूप से रूसी रोज़गार बाज़ार के लिए कामगारों को तैयार किया जा सके। श्रम मंत्रालय ने बाद में आरबीसी समाचार वेबसाइट को बताया कि भारत से कामगारों की भर्ती कोटा द्वारा नियंत्रित होती है जो क्षेत्रों और नियोक्ताओं की ज़रूरतों के आधार पर एक साल पहले निर्धारित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि रूस को अपने कारखानों और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को चालू रखने के लिए कुशल श्रमिकों की सख़्त ज़रूरत है और इसके लिए भारत को एक विश्वसनीय और मैत्रीपूर्ण साझेदार माना जाता है।
मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार रूस का मानना ​​है कि भारतीय श्रमिक इस ज़रूरी माँग को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। रूस येकातेरिनबर्ग जैसे शहरों में भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने पर विचार कर रहा है जिससे दस्तावेज़ीकरण को सुव्यवस्थित करने और भारतीय प्रवासियों के हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
जांगिड़ जितेन्द्र

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