
छतरपुर। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित शक्ति मेडिकल स्टोर के पास लोक निर्माण विभाग की बहुमूल्य सरकारी संपत्ति ‘हाउस ऑफ दफ्तरी’ को निजी व्यक्तियों के नाम पर रजिस्ट्री किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लगभग 4000 वर्गफीट में फैली इस संपत्ति की अनुमानित बाजार कीमत 9 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
यह संपत्ति धीरेंद्र कुमार गौर और दुर्गेश पटेल के नाम पर 13 जून 2024 को मात्र 84.54 लाख रुपए में रजिस्ट्री कर दी गई। बताया जा रहा है कि इनमें से धीरेंद्र गौर, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री का दिल्ली- वृंदावन यात्रा प्रभारी है।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल का एक्शन
मामला उजागर होने पर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री आशीष भारती को जांच सौंपी। रजिस्ट्री लेखक रघुनंदन पाठक का लाइसेंस निलंबित तत्कालीन सब रजिस्ट्रार कंसू लाल अहिरवार निलंबित नामांतरण पर रोक, केस हाईकोर्ट में जाएगा
भवन सरकारी रिकॉर्ड में 1978 से दर्ज
यह भवन भवन पुस्तिका में क्रमांक 64 पर हाउस ऑफ दफ्तरी वाला नाम से 1978-79 से शासकीय संपत्ति के रूप में दर्ज है। वर्षों से इसका किराया भी जमा होता रहा है। इसके बावजूद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इसे निजी बताकर कोर्ट से डिक्री जारी कराई गई और रजिस्ट्री कर दी गई।
