रीवा: विद्युत विभाग में नियमों की अनदेखी करते हुए लाइन परिचारक किशोर त्रिपाठी को कनिष्ठ यंत्री का प्रभार दे दिया गया. लोकायुक्त की टीम ने त्रिपाठी को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा. विभागीय जांच में पाया गया कि उन्होंने नौकरी करते हुए डिप्लोमा प्राप्त किया, जिसकी वैधता की जांच अभी लंबित है.
इसके अलावा, अनिल मिश्रा और अजय मिश्रा को भी नियमों को शिथिल करते हुए कनिष्ठ यंत्री का प्रभार दिया गया है. मुख्य अभियंता कार्यालय में संबंधित फाइल लटकी हुई है. कंपनी नियम के अनुसार कर्मचारी नौकरी के दौरान नियमित डिप्लोमा कोर्स नहीं कर सकता. विभागीय और लोकायुक्त जांच जारी है. इस बारे में मुख्य अभियंता प्रमा पांडेय से प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई.
