कोच्चि, (वार्ता) केंद्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईएफटी) के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. टॉम्स सी. जोसेफ को भारत के 45वें अंटार्कटिक वैज्ञानिक अभियान के लिए चुना गया है। उल्लेखनीय है कि सीआईएफटी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का एक संस्थान है।
यह प्रतिष्ठित अभियान भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (एनसीपीओआर) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
डॉ. जोसेफ की भागीदारी आईसीएआर-सीआईएफटी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो वैश्विक पर्यावरण और समुद्री अनुसंधान में संस्थान की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
डॉ. जोसेफ का शोध इस बात को समझने पर केंद्रित होगा कि प्लास्टिक प्रदूषण कैसे सूक्ष्मजीव समुदायों को बदलता है और पृथ्वी के सबसे प्राचीन और संवेदनशील वातावरणों (अंटार्कटिक) में से एक में एंटीबायोटिक प्रतिरोध के प्रसार में योगदान देता है। उनके अनुसार, इस अध्ययन के निष्कर्ष सूक्ष्म प्लास्टिक प्रदूषण के वैश्विक प्रभाव और पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। इन परिणामों से सूक्ष्म प्लास्टिक से जुड़े पारिस्थितिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों में योगदान मिलने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि 1981 में शुरू किए गए भारत के अंटार्कटिक वैज्ञानिक अभियान, ध्रुवीय अनुसंधान, जलवायु अध्ययन और पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण में देश के योगदान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
