रीवा: रीवा रेलवे स्टेशन में आटो चालको की दादागीरी इस कदर है कि कोई विरोध करे तो मारपीट पर उतारू हो जाते है. ट्रेन के आने पर स्टेशन के मुख्य द्वार तक आटो लेकर पहुंच जाते है और यात्रियो से बदसलूकी करते है.इतना ही नही निर्धारित किराये से कहीं ज्यादा मनमानी किराया वसूला जाता है. गौरतलब है कि रीवा रेलवे स्टेशन में सुबह से ट्रेन आने का सिलसिला शुरू होता है और रात तक वंदे भारत से लेकर अलग-अलग ट्रेने पहुंचती है.
यात्री जब स्टेशन से बाहर निकलते है तो मुख्य द्वार पोर्च के नीचे सटा कर आटो चालक आटो खड़ा कर लेते है जिससे पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है. यात्रियो का बैग पकड़ कर जबरन खीचते है अगर कोई विरोध कर दे तो उसके साथ गुट बनाकर मारपीट करने पर उतारू हो जाते है. आटो खड़े करने का स्थान रेलवे द्वारा निर्धारित किया गया है, बावजूद इसके आटो अंदर तक लेकर पहुंचते है. आये दिन विवाद की स्थित यहा निर्मित होती है. आटो चालक न तो वर्दी लगाते और न ही नेमप्लेट लगाते है. रेलवे पुलिस और चोरहटा थाने की पुलिस भी मौजूद नही रहती है, जिसके कारण आटो चालको की दादागीरी चलती है
