
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुवाहाटी में आयोजित ‘इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में कहा कि मध्यप्रदेश आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश और उद्योग स्थापना का केंद्र बन चुका है। सीएम यादव ने असम के उद्योगपतियों और निवेशकों से मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर कदम पर उन्हें पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी।
सीएम यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश की देश के प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स इसे निवेश के लिए आइडियल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाया जाता है तो सरकार श्रमिकों के वेतन के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक की सब्सिडी भी देगी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भूमिपूजन किए गए पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क का उदाहरण देते हुए कहा कि निवेशक इसे या राज्य के किसी अन्य अंचल को चुनकर औद्योगिक इकाई स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश और असम के बीच औद्योगिक सहयोग, वन्यजीव आदान-प्रदान और पर्यटन क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
गुवाहाटी में आयोजित इस सेशन में कई उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि दिखाई। फिक्की और अन्य औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों ने फार्मास्यूटिकल, प्लास्टिक, पैकेजिंग, सीमेंट, ईको-टूरिज्म और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश की योजनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन-टू-वन वार्ता कर सभी निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को देश का ह्रदय प्रदेश और असम को आर्थिक गेटवे बताते हुए कहा कि दोनों राज्य मिलकर कई सेक्टरों में विकास और निवेश की नई संभावनाओं को साकार कर सकते हैं। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए सभी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध हैं और निवेशकों को मात्र 30 दिन में उद्योग शुरू करने की सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश की नवीन औद्योगिक नीतियों और निवेश अवसरों को दिखाते हुए मध्यप्रदेश अनंत संभावना नामक शॉर्ट प्रोमोशनल फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
