



भोपाल, वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में शनिवार को छठवां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ. इसमें 2572 स्नातक, 503 स्नातकोत्तर और 18 डॉक्टरेट छात्रों को उपाधियाँ प्रदान की गईं. समारोह की अध्यक्षता चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन ने की.
मुख्य अतिथि के रूप में आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि संस्कृति और विज्ञान, दोनों ही मानव प्रगति के दो आधार हैं. विज्ञान तकनीक देता है, संस्कृति मूल्य और दिशा उन्होंने भारतीय गुरुकुल परंपरा को समग्र शिक्षा का प्रतीक बताया, जहाँ शरीर, मन और आत्मा का संतुलन था. डॉ. जोशी ने कहा कियोग, ध्यान और शास्त्रीय कलाएँ व्यक्ति को आत्मबल और संतुलन देती हैं.
उन्होंने अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह जैसे मूल्यों को समाज की नैतिक नींव बताया. भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं- भक्ति आंदोलन, केरल की मार्शल आर्ट्स और पूर्वोत्तर की बुनाई कला – का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, हमारी विरासत सीमाएँ नहीं, शक्ति का स्रोत है.
