
सतना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने आज पतौरा प्रवास के दौरान स्थानीय जीवन और संस्कृति का अनुभव किया. दोपहर के समय चतुर्वेदी निवास पहुंचने पर उन्होंने परिवार के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से परिचय प्राप्त किया और विन्ध्य क्षेत्र की पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया.
परिवार ने संघ प्रमुख का गर्मजोशी से स्वागत किया और भोजन के दौरान स्थानीय रसोई के विभिन्न स्वादों की जानकारी साझा की. उन्हें खाने में विंध्य की मसालेदार दाल, तड़के दार हरी सब्जियां और हाथ से बनी रोटी परोसी गई. इस अवसर पर भागवत ने न केवल भोजन का आनंद लिया, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक और पारिवारिक परंपराओं में भी गहरी रुचि दिखाई.
भोजन के बाद संघ प्रमुख सीधे स्थानीय विद्यापीठ पहुंचे, जहां उनका निर्धारित कार्यक्रम और प्रवास जारी रहेगा. इस दौरान वे युवाओं और स्थानीय प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे.
