नयी दिल्ली, 29 मई (वार्ता) दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अब हर पांच मिनट में बदलते मौसम की ज्यादा विस्तृत और सटीक जानकारी मिल सकेगी जिससे हवाई अड्डा संचालक, विमान सेवा कंपनियां और यात्री लाभान्वित होंगे। इसके लिए यहां विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक उन्नत, एकीकृत एविएशन वेदर इंटेलिजेंस एंड नाउकास्टिंग सुविधा ‘स्काईकास्ट’ का उद्घाटन किया है। दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड ने शुक्रवार को बताया कि स्काईकास्ट के शुरू होने से दिल्ली एयरपोर्ट देश का एकमात्र ऐसा हवाई अड्डा बन गया है, जहां विमानन और एयरपोर्ट संचालन के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गयी व्यापक और सतत वायुमंडलीय निगरानी प्रणाली लगायी गयी है।
स्काईकास्ट एक अगली पीढ़ी का विमानन मौसम विज्ञान प्लेटफॉर्म है। इसमें उन्नत रिमोट सेंसिंग तकनीकों, वायुमंडलीय प्रोफाइलिंग सिस्टम और इंटेलिजेंट नाउकास्टिंग साधनों को एक साथ जोड़ा गया है। इससे उड़ान संचालन को प्रभावित करने वाली तेजी से बदलती मौसम संबंधी स्थितियों पर लगातार नजर रखी जा सकती है। इसमें तापमान और आर्द्रता प्रोफाइल, जलवाष्प के घनत्व, बादलों में तरल जल की मात्रा, हवा की गति और दिशा, पवन चक्रों के निर्माण आदि की सतत जानकारी मिलती रहती है। यह प्रणाली सतह से लगभग 10 किलोमीटर की ऊंचाई तक वायुमंडलीय स्थितियों का विश्लेषण करने में सक्षम है। हवा की गति, दिशा आदि का अवलोकन कई किलोमीटर दूर तक संभव है। यह विंड शीयर की तीव्रता और गहराई, सामने से आने वाली हवा, पीछे से आने वाली हवा और बगल के आने वाली हवा, वायुमंडलीय स्थिरता संकेतक, तापमान में अचानक बदलाव, कोहरे के निर्माण, बर्फ जमने की संभावना और तूफान बारिश संबंधी विशेषताओं के बारे में बता सकती है। यह प्लेटफॉर्म विजएयर सॉफ्टवेयर सूट द्वारा समर्थित है। यह मौसम वैज्ञानिकों, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और पायलट सहित प्रमुख हितधारकों को परिचालन मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराता है।

