
रीवा। रीवा के संजय गांधी अस्पताल में मरीजो को अगर भर्ती करना हो तो किसी की सिफारिस चाहिये. सरलता से अस्पताल में कोई भर्ती हो जाय यह बहुत ही मुश्किल है. शनिवार को संजय गांधी अस्पताल में एक बड़ी लापरवाही सामने आई. 13 साल का मासूम इलाज के लिये दो घंटे तक तड़पता रहा, अस्पताल स्टाफ ने उसे भर्ती कराने के बजाय इधर-उधर भटकाते रहे.
परिजन हाथ में बॉटल पकड़े खड़े रहे और बार-बार विनती करते रहे, लेकिन मासूम को तुरंत भर्ती नहीं किया गया. आखिरकार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने के बाद बच्चे को एडमिट किया गया, तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी और अब वह वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहा है. परिजनों ने बताया कि बच्चे पर बिजली गिरी थी. पहले महोबा जिला अस्पताल में उसे भर्ती किया गया था, बाद में पन्ना से रीवा रेफर किया गया. लेकिन रीवा पहुंचते ही अस्पताल में लापरवाही हुई और उसे घंटों भर्ती नहीं किया गया. परिवार वालों के मुताबिक, पहले उन्हें बर्न वॉर्ड भेजा गया, जहां भर्ती से मना कर दिया गया फिर उन्हें सात नंबर वार्ड भेजा गया, लेकिन वहां भी बच्चे को एडमिट नहीं किया गया. इसी बीच बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई. आखिरकार परिजनों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की. इसके बाद करीब दो घंटे की देरी से बच्चे को बच्चों के वार्ड में भर्ती किया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.
अधीक्षक ने जताई नाराजगी
अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इस पूरे मामले में कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि इस तरह की संवेदनशील स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
