जबलपुर: नानी के निधन के बाद दो बहनों पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा। बेबसी ऐसी थी कि उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे अंतिम संस्कार करवा सके। इसकी जानकारी लगते ही समाजसेवी मददगार बनकर पहुंचे जिसके बाद अंतिम क्रियाकर्म करियापाथर मुक्तिधाम में करवाया।24 वर्षीय शिवानी विश्वकर्मा ने बताया कि वह किराए के मकान में चर्च के पीछे गुरंदी बाजार, भर्तीपुर जबलपुर में अपनी 19 वर्षीय बहन रागनी विश्वकर्मा और नानी साबित्री बाई विश्वकर्मा के साथ रहती है.
शनिवार को अचानक लकवा की बीमारी की वजह से उनकी नानी साबित्री विश्वकर्मा 65 वर्ष का निधन हो गया, नानी के अंतिम क्रियाकर्म करने के लिए मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद कुछ लोग उनकी मदद करने पहुंचे और फिर जब इस संबंध की जानकारी गरीब नवाज कमेटी के इनायत अली को लगी तो वह तत्काल उनकी मदद करने के लिए पहुंच गए। वहीं शिवानी विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी मम्मी पीलिया की बीमारी की वजह 8 वर्ष पहले खत्म हो चुकी हैं, तो वहीं उनके पिता को भी अटैक आ जाने के कारण वह उन्हें खो चुकी है और अब उनका सहारा रही नानी का भी निधन हो गया।
