
गुना /फतेहगढ़गुना। फतेहगढ़ स्थित सांदीपनी विद्यालय की बाउंड्री वॉल और भूमि पर लगातार अवैध अतिक्रमण और दुकानों का निर्माण जारी है। जानकारी के मुताबिक मुकेश और पप्पू नामक दो भाई विद्यालय भूमि पर दुकानें बना रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने अगस्त माह में इस अवैध गतिविधि की शिकायत फोटो सहित तहसीलदार बमोरी को दी थी, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि फतेहगढ़ क्षेत्र चारों ओर से वनभूमि से घिरा होने के कारण यहां शासकीय जमीन पर कब्जे तेजी से बढ़ रहे हैं। कब्जाधारक अक्सर इन अवैध निर्माणों को ऊंचे दामों में बेच देते हैं और फिर अन्य स्थानों पर नए अतिक्रमण कर लेते हैं। प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ नोटिस देने तक ही सीमित रहती है, जिससे अतिक्रमणकर्ताओं को कब्जे का अप्रत्यक्ष वैध आधार मिल जाता है।
वहीं, जब पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, गौशाला या शांति धाम जैसे सार्वजनिक निर्माण के लिए भूमि की मांग की जाती है, तो इसे वन या शासकीय भूमि बताते हुए आवेदन खारिज कर दिए जाते हैं। ग्राम सचिव भगवान सिंह यादव ने बताया कि ग्राम सभा के माध्यम से गौशाला और शांति धाम निर्माण के प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, लेकिन आज तक स्वीकृति नहीं मिली।
विद्यालय प्रबंधक और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही से शासकीय भूमि लगातार अतिक्रमण की चपेट में आ रही है। ग्रामीण पंकज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त खुलेआम हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। स्थानीय निवासी संजय मेहता ने बताया कि गौशाला निर्माण के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो विद्यालय व सामुदायिक उपयोग की भूमि पूरी तरह अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाएगी। इससे न केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान होगा बल्कि जनहित में होने वाले विकास कार्य भी ठप पड़ जाएंगे।
इनका कहना है
आपके द्वारा जानकारी मिली है अगर ऐसा कुछ है तो जांच कर कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
किशोर कन्याल, कलेक्टर गुना
