भोपाल। मप्र के युवा नाट्य रंगकर्मी विश्व रंगमंच दिवस के अन्य प्रदेशों में मंचन कर रहे है. रंगकर्मी तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मप्र की संस्कृत का परिचय दे रहे है. हर घर अभिनय, हर घर नाट्य,घर-घर रंगकर्मी, हर घर रंगकर्मी, के महाअभियान के तहत इन युवाओं ने अब तक 75 नुक्कड़ नाटको का मंचन आंध्र प्रदेश में किया है.
प्रदेश भर के रंगकर्मियों ने अब तक महाअभियान में 315 नुक्कड़ नाटको का मंचन किया है. जिसका उद्येश्य देश के हर घर तक नाट्य विधा को ले जाना है, साथ ही छिन्दवाड़ा के रंगकर्मी लोगो को इस विधा से जुड़ने हेतु जागरूक और प्रोत्साहित करना है. ये युवा निरन्तर नुक्कड़ नाटको का मंचन देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में कर रहे है. इस अभियान में प्रवीण चौरागड़े और अदिति जोशी,चिरंजीव पवार ने आंध्र प्रदेश के अनंतपुर, चित्तूर, पूर्वी गोदावरी, गुंटूर, कड़प्पा, कृष्णा, कुर्नूल, नेल्लूर, प्रकाशम, श्रीकाकुलम, विशाखापट्टनम, विजयनगरम, पश्चिम गोदावरी, पलनाडु, नंद्याल, कोना सीमा, एलुरु, एनटीआर, बापटला, श्री सत्यसाई, मान्यम, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली, काकीनाडा, अन्नामय्या और श्री बालाजी और इस से पहले तेलंगाना के हैदराबाद, वारंगल, खम्मम, करीमनगर और निजामाबाद, सिकंदराबाद ,चारमीनार में नुक्कड़ नाटको का मंचन किया है.