फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में आरक्षक को 3 साल कैद और जुर्माना

सागर। फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर विशेष सशस्त्र बल में आरक्षक पद पर चयनित सुमित गड़रिया को अपर-सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश प्रशांत सक्सेना ने 3 साल के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जांच में पाया गया कि सुमित कुमार इटावा जिले के गड़रिया जाति से हैं, लेकिन उसने भिंड जिले का फर्जी पता लगाकर जाटव (अनुसूचित जाति) का प्रमाण पत्र बनवाया और भर्ती परीक्षा में इसका उपयोग किया। शिकायत पर सहायक सेनानी इंद्रसिंह परस्ते ने विस्तृत जांच की और फर्जी दस्तावेजों, निवास प्रमाण पत्र व अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अधीक्षक सागर को रिपोर्ट भेजी। विवेचना में पता चला कि अभियुक्त ने पूर्व नियोजित तरीके से जाति और निवास की जानकारी छिपाई थी। इसके बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया और आरोपी को दोषी करार देकर सजा सुनाई गई।

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