लेह/श्रीनगर। लद्दाख में छठी अनुसूची और राज्यhood की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के दो दिन बाद शुक्रवार को प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और मैगसेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप है।
वांगचुक लेह से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले थे, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद ज़ूम मीटिंग लाइव हुई, लेकिन कार्यकर्ता नहीं पहुंचे।
प्रदर्शन बुधवार को सुरक्षा बलों से भिड़ंत के दौरान हिंसक हो गए थे, जिसमें चार लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल हुए। वांगचुक ने अपनी 35-दिन की भूख हड़ताल 15वें दिन समाप्त की थी।
केंद्र सरकार ने उन पर भाषणों के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को उकसाने का आरोप लगाया। इसके एक दिन बाद वांगचुक द्वारा स्थापित संस्था, लद्दाख के छात्रों की शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्था (SECMOL) का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
लेह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और असामाजिक तत्वों पर कड़ा नियंत्रण बढ़ा दिया है और 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि वे बाहरी तत्वों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।
वांगचुक ने 9 सितंबर को भूख हड़ताल शुरू की थी और केंद्र पर लद्दाख नेताओं के साथ वार्ता जानबूझकर लंबित रखने का आरोप लगाया था। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने 2022 में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के चुनावी घोषणा पत्र में छठी अनुसूची सुरक्षा का वादा किया था, लेकिन इस पर गंभीर चर्चा नहीं की गई।
केंद्र सरकार ने 20 सितंबर को लद्दाख नेतृत्व के साथ वार्ता फिर से शुरू करने की घोषणा की और अगली बैठक 6 अक्टूबर को निर्धारित की है।
