जबलपुर: नगर निगम जबलपुर में मनमर्जी से कार्यालय आने वाले और फील्ड पर जाने का बहाना करके खिसकने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की मनमानी अब नहीं चलने वाली है। वजह… निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार द्वारा निगम के अधिकारियों को ई अटैंडेंस के सफल संचालन की जिम्मेदारी सौंपना और आदेश जारी कर कहना कि ई अटैंडेंस प्रणाली का प्रशिक्षण भी दिया जाए।
जारी आदेश में ये भी कहा गया है कि शासन के निर्देश पर नगरीय निकायों में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू किया जाना है जिसमें निकाय के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को एमपी अर्बन पोर्टल पर अपना पहले तो पंजीयन कराना होगा फिर प्रतिदिन हाजिरी लगानी होगी। मतलब साफ है कि अब नगर निगम में ई अटैंडेंस प्रणाली लागू कर दी जाएगी और मनमर्जी से शासकीय कामों को हल्के में लेने वालों पर लगाम लगाई जाएगी।
निगमायुक्त के इस फरमान के बाद से नगर निगम के लापरवाह व मनमर्जी से नौकरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खेमे में खलबली मच गई है क्योंकि ई अटैंडेंस प्रणाली के लागू होने के बाद इन्हें निर्धारित समय सुबह 10 बजे कार्यालय आना होगा और इनके आराम पर लगाम लग जाएगा। गौरतलब है कि इसके पहले ई अटेंडेंस प्रणाली शिक्षा विभाग में लागू की गई थी। नगर निगम में वर्तमान हालत अभी ये है कि अधिकारी-कर्मचारी पंजी पर हस्ताक्षर करते हैं। लेकिन इनके कार्यालय आने का समय 10 बजे सुबह निर्धारित किया गया है लेकिन अधिकांश कर्मचारी तय समय पर कार्यालय नहीं आते और कुछ तो फील्ड पर जाने की बात कहकर कार्यालय से निकल जाते हैं।
नोडल अधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने ई अटेंडेंस के सफल संचालन के लिए प्रभारी उपायुक्त संभव अयाची को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है और साथ ही स्मार्ट सिटी के जीआईएस एक्सपर्ट बालेंद्र शुक्ला, तकनीकी अधिकारी अंकुर खरे को समस्त निगम के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों की ई अटैंडेंस के लिए पंजीयन करने, प्रशिक्षण देने सहित अन्य पूरी कार्यवाहियों को सुनिश्चित कराने का दायित्व सौंपा है।
