नयी दिल्ली, 25 सितंबर (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र ने अपने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के तहत भारत, केन्या और अमेरिका के तीन पर्यावरण उद्यमियों को वर्ष 2025 के लिये युवा पृथ्वी चैम्पियन पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया है।
ये पुरस्कार भारत की जिनाली मोदी, केन्या के जोसेफ नगुथिरु और अमेरिका के नोएमी फ्लोरिया को दिया जायेगा है। ये विजेता, गंदे पानी का उपचार करके स्वच्छ बनाने, स्वच्छ जल तक पहुंच, प्लास्टिक प्रदूषण घटाने और टिकाऊ विकल्प सामग्रियां विकसित करने जैसे कार्यों के जरिये अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहे हैं।
यूएनईपी की कार्यकारी निदेशक इन्गेर ऐंडरसन ने पुरस्कारों की घोषणा के अवसर पर कहा, “जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता की हानि और प्रदूषण ,अपशिष्ट का तिहरा संकट हमारे बच्चों और उनके बच्चों के जीवन को पहले ही गहरायी से प्रभावित कर रहा है।”
उन्होंने कहा “मैं इन प्रेरक युवा चैम्पियनों के नवाचारों की सराहना करती हूँ। वे आज और आने वाली पीढ़ियों के हित में काम कर रहे हैं।”
भारत की 28 वर्षीय सुश्री जिनाली मोदी महिलाओं द्वारा संचालित ‘बनोफी लेदर’ कंपनी की संस्थापक हैं। इनकी कंपनी केले के पेड़ के रेशों से चमड़े का टिकाऊ विकल्प बनाती है। इस कंपनी का उत्पाद, पारम्परिक चमड़े की तुलना में जल के उपयोग, विषाक्त अपशिष्ट और कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन को काफी कम करता है। इससे फैशन उद्योग को कम खराब प्रभाव वाला सामग्री विकल्प मिलता है। सुश्री जिनाली के पास मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज और येल पर्यावरण स्कूल से बायोकेमिस्ट्री स्नातक की डिग्री है।
केन्या के 27 वर्षीय जोसेफ नगुथिरु ‘हयापाक’ कंपनी के संस्थापक हैं। यह कंपनी नाइवाशा झील में उगने वाली जलकुंभी से पैकेजिंग बैग और पर्यावरण में घुल जाने वाले पौध-रोपण रैपर बनाती है। ये उत्पाद एक बार इस्तेमाल में आने वाले प्लास्टिक की जगह काम आते हैं। इससे खेतों की मिट्टी भी स्वस्थ होती है और कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन भी कम होता है। इसके साथ ही झील की पारिस्थितिक समस्या भी कम होती है।
अमेरिका की 24 वर्षीय नोएमी फ्लोरिया ‘साइक्लेउ’ कंपनी की संस्थापक हैं। इस कंपनी ने कॉम्पैक्ट जल-पुनः उपयोग प्रणाली विकसित की है। इसमें ऊर्जा की खपत बहुत कम होती है और इससे सीमित सुविधाओं वाले क्षेत्रों में स्वच्छ जल की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलती है।
युवा पृथ्वी चैम्पियन्स पुरस्कार, यूएनईपी की युवा सहभागिता की प्रमुख पहल है। वर्ष 2017 से अब तक यह पुरस्कार 30 वर्ष से कम उम्र के 30 युवा अग्रदूतों- कार्यकर्ताओं, उद्यमियों और पर्यावरण उद्यमियों को उनके पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े उत्कृष्ट विचारों के लिए दिया जा चुका है।

