उन्हें मिले उपहारों की ई नीलामी में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें देशवासी: मोदी

नयी दिल्ली 24 सितम्बर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री के तौर पर उन्हें विभिन्न सार्वजनिक समारोहों के दौरान मिले स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें क्योंकि इस नीलामी से मिलने वाली राशि गंगा के पुनरुद्धार से संबंधित नमामि गंगे मिशन में दी जायेगी। राष्ट्रीय गांधी आधुनिक कला संग्रहालय में सांस्कृतिक धरोहरों, खेल स्मृति चिन्हों, हस्तशिल्प और धार्मिक कलाकृतियों सहित 1,300 से अधिक अनोखे उपहार और कलाकृतियां बोली के लिए प्रदर्शित की गयी हैं। यह ई-नीलामी देश-विदेश के नागरिकों को नमामि गंगे परियोजना में प्रत्यक्ष योगदान करने का अवसर प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ” पिछले कुछ दिनों में विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान मुझे मिले विभिन्न उपहारों की ऑनलाइन नीलामी चल रही है। इस नीलामी में बहुत ही रोचक कृतियां शामिल हैं जो भारत की संस्कृति और रचनात्मकता को दर्शाती हैं। नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे मिशन में जाएगी। नीलामी में अवश्य भाग लें।”
संस्कृति मंत्रालय ने संग्रहालय के सहयोग से इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी के सातवें संस्करण का आधिकारिक शुभारंभ किया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसका उद्घाटन किया था। ये कलाकृतियां आगामी दो अक्टूबर तक आधिकारिक पोर्टल बोली के लिए उपलब्ध हैं।
नीलामी में शामिल वस्तुएं भारत की समृद्ध कलात्मक और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करती हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर के पश्मीना शॉल, गुजरात की तंजौर पेंटिंग और रोगन कला से लेकर आदिवासी हस्तशिल्प, औपचारिक उपहार और पेरिस पैरालिंपिक 2024 के बाद भारत के पैरा-एथलीटों द्वारा प्रस्तुत खेल स्मृति चिन्ह शामिल हैं।
इस वर्ष के प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी के मुख्य आकर्षणों में भारत भर से सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण कलाकृतियों का एक विविध संग्रह शामिल है। इनमें नटराज की एक धातु से बनी आकर्षक मूर्ति , हाथ से बुनी नागा शॉल और राम दरबार की एक उत्कृष्ट तंजौर पेंटिंग भी शामिल हैं।
ये स्मृति चिन्ह न केवल भारत की विविध कलात्मक विरासत को प्रदर्शित करते हैं बल्कि नागरिकों को नमामि गंगे मिशन के सांस्कृतिक इतिहास के एक अंश को अपने पास रखने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
आगंतुक ऑनलाइन बोली लगाने से पहले संग्रहालय में स्मृति चिन्ह देख सकते हैं। यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के साथ साथ पूरे भारत के पारंपरिक शिल्प और सम्मान के प्रतीकों की भी झलक प्रस्तुत करती है।
संग्रहालय के एक अधिकारी ने बताया कि बोली दो अक्टूबर को समाप्त होगी जो महात्मा गांधी की जयंती का दिन है। उन्होंने बताया कि 2019 में शुरूआत के बाद से यह ई-नीलामी 50 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटा चुकी है।

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