नयी दिल्ली, 24 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रीय महिला आयोग ने श्री शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान, नयी दिल्ली के निदेशक और प्रबंधन समिति के सदस्य, स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती (उर्फ पार्थ सारथी) से जुड़े एक बहुत ही परेशान करने वाले मामले में बुधवार को स्वतः संज्ञान लिया।
सारथी पर 15 से ज़्यादा छात्राओं का यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार करने का आरोप है जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाली छात्राएं भी शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार सारथी ने अश्लील भाषा का उपयोग किया, अश्लील संदेश भेजे, अवांछित प्रयास किया और कथित तौर पर संकाय/कर्मचारियों ने छात्राओं पर उनकी अवैध मांगें पूरी करने के लिए दबाव डाला।
आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर उसकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है तथा कर्मचारियों की संलिप्ताता की स्वतंत्र जांच की मांग की है। मामले की विस्तृत रिपोर्ट तीन दिनों में देने के लिये कहा गया है।

