नयी दिल्ली, 24 सितंबर (वार्ता) प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर मलेशिया का सबसे बड़ा राज्य पहांग भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दिल्ली और चेन्नई में व्यापारिक रोड शो कर रहा है।
पहांग प्रांत की पर्यटन मंत्री पुआन लियोंग यू मान ने बुधवार को रोड शो से पहले एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर पहुंचने वाले 60 प्रतिशत भारतीय पर्यटक जेंटिंग हाईलैंड जरूर जाते हैं क्योंकि वहां से सड़क मार्ग से इसकी दूरी मात्र एक घंटे है। लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि यह पहांग प्रांत का हिस्सा है। वे दो-तीन घंटे वहां रुककर कुआलालम्पुर वापस आ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि पहांग में भारतीय पर्यटकों के लिए जेंटिग हाइट्स से परे भी काफी कुछ है जिसे पूरी तरह देखने के लिए तीन से पांच दिन का समय चाहिये। साल 2024 में पहांग में कम से कम एक रात के लिए रुकने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 50 हजार थी। इन रोड शो का लक्ष्य जेंटिंग हाइट्स पहुंचने वाले पर्यटकों को दूसरे स्थलों तक ले जाने के लिए आकर्षत करना है। प्रांत में प्राकृतिक सुंदरता के प्रशंसकों के लिए इको-टूरिज्म के काफी अवसर हैं। एक तरफ जेंटिंग और कैमरून के हाइलैंड्स (ऊंचे पर्वतीय इलाके) हैं तो दूसरी तरफ समुद्र तट और टापू हैं, स्थानीय खान-पान है तो तमन नेगारा का 13 करोड़ साल पुराना नेचर पार्क (जंगल) भी है।
श्रीमती मान ने ‘यूनीवार्ता’ को बताया कि पहांग में फाइव स्टार होटलों के अलावा सस्ते होम स्टे की सुविधा भी है। कुल 18 होम स्टे क्लस्टरों को मलेशिया टूरिज्म से मान्यता प्राप्त है। हर क्लस्टर में कम से कम 10 कमरे हैं। उन्होंने कहा कि पहांग भारतीय पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। दोनों देशों के बीच संबंध काफी अच्छे हैं, वीजा-मुक्त यात्रा तथा बेहतरीन हवाई संपर्क उपलब्ध हैं, और सांस्कृतिक समानता है।
पहांग प्रांत की विधानसभा के सदस्य अरुमुगम विरप्पा पिल्लई ने कहा कि आम तौर पर यूरोपीय पर्यटक पहांग के आंतरिक इलाकों में आते हैं, लेकिन भारतीय पर्यटक जेंटिंग और कैमरून हाइट्स जैसे एक-दो बाहरी स्थलों तक ही सीमित रहते हैं। इसके बावजूद वहां आने वाले पर्यटकों की संख्या के मामले में भारत पांचवें स्थान पर है।
पहला रोड शो 24 सितंबर को दिल्ली में और दूसरा 26 सितंबर को चेन्नई में किया जा रहा है। इनमें बिजनेस नेटवर्किंग सत्र, गंतव्यों के बारे जानकारी साझा करना और भारत के अग्रणी ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों, विमान सेवा कंपनियों तथा पर्यटन संघों के साथ बैठक शामिल हैं।
