जयपुर, (वार्ता) यूपी योद्धाज ने सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में सोमवार को खेले गए प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 12वें सीजन के 46वें मैच में तमिल थलाइवाज को 39-22 के अंतर से हरा दिया। लगातार चार हार के बाद यूपी को पहली जीत और कुल तीसरी जीत मिली है। दूसरी ओर, थलाइवाज को लगातार तीसरी हार को मजबूर होना पड़ा है।
यूपी की जीत में उसके डिफेंस (15) ने अहम योगदान दिया, जिसका नेतृत्व कप्तान सुमित सांगवान (हाई-5) ने किया। साथ ही रेड में भवानी राजपूत (6), गगन गौड़ा (7) और शिवम चौधरी (5) ने चमक दिखाई। थलाइवाज के लिए नितेश ने सबसे अधिक सात अंक बनाए लेकिन कप्तान अर्जुन देसवाल (2) ने पूरी तरह निराश किया।
पहली रेड पर गगन के आउट होने के बाद भवानी राजपूत ने दो खिलाड़ियों का शिकार कर यूपी को 3-2 की लीड दिला दी। शिवम को लपक कंडोला ने हालांकि स्कोर बराबर कर लिया। यह सिलसिला 10वें मिनट तक चलता रहा औऱ दोनों टीमें 7-7 के स्कोर पर ब्रेक पर गईं। इसके बाद यूपी ने लगातार तीन अंक लेकर पकड़ बनाई। देसवाल का फुटवर्क सही नहीं दिखाई दे रहा था और यूपी का डिफेंस अच्छा कर रहा था।
थलाइवाज का डिफेंस अच्छा कर रहा था। नितेश ने भवानी को लपक हाई-5 पूरा किया और स्कोर 10-12 कर दिया। बीच-बीच में यूपी का डिफेंस भी चौका रहा था। उसने हिमांशु को आउट किया और फिर गगन ने नितेश को बाहर कर दिया। फिर यूपी के डिफेंस ने तीसरे काम्बीनेशन टैकल के साथ थलाइवाज को आलआउट की ओर धकेल दिया। शुरुआती 10 मिनट के बाद यूपी ने तीन के मुकाबले 8 अंक लेकर अपनी स्थिति मजबूत की है।
दो के डिफेंस में गगन ने एक शिकार किया औऱ थलाइवाज को आलआउट की कगार पर ला दिया लेकिन रोहित ने मल्टीप्वाइंटर के साथ उसे इस स्थिति से निकाल लिया। यूपी ने हालांकि फिर पकड़ बनाई और पहला आलआउट लेते हुए 20-13 की लीड ले ली। आलइन के बाद महेंदर ने कंडोला को लपक लिया। फिर देसवाल का एडवांस टैकल हुआ और फिर भवानी ने लगातार दो अंक लेकर स्कोर 24-14 कर दिया।
फिर यूपी के डिफेंस ने शफागी को एडवांस टैकल कर थलाइवाज को सुपर टैकल की स्थिति में ला दिया। फिर गगन ने उसे दो तक सीमित कर दिया औऱ फिर आलआउट के साथ 30-16 की लीड ले ली। आलइन के बाद शिवम ने दो की रेड के साथ स्कोर 32-16 कर दिया। शिवम ने अगली रेड पर बोनस लिया और फिर डिफेंस ने कंडोला को लपका और फिर देसवाल का चेन टैकल कर लिया।
इसके बाद थलाइवाज ने वापसी की भरपूर कोशिश की लेकिन फासला पहले ही इतना बड़ा हो चुका था कि उसका प्रयास सफल नहीं हो सका और वह लगातार तीसरी हार को मजबूर हुई। उसकी हार का सबसे बड़ा कारण देसवाल का नहीं चल पाना था, जो थोड़े असहज नजर आए।
