सतना : शहर में जारी निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण करने पहुंचे महापौर उस वक्त आश्चर्य चकित रह गए जब उनके पैर की एक ठोकर से ही नाली की दिवार भरभराकर गिर गई. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने न सिर्फ इंजीनियर और संविदाकार को जमकर फटकार लगाई. बल्कि घटिया निर्माण गिराकर कार्य को दोबारा शुरु करने के निर्देश दिए.
महापौर नगर निगम सतना योगेश ताम्रकार रविवार को शहर में जारी निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण करने के लिए निकले. इस दौरान वे शहर के वार्ड क्रमांक 14 हनुमान नगर नई बस्ती क्षेत्र में पहुंच गए. जहां पर 48 लाख रु की लागत से नाली का निर्माण हो रहा था. महापौर ने मौके पर पहुंचकर नाली निर्माण कार्य की जांच शुरु की. इस दौरान गुणवत्ता परखने के लिए महापौर ने जैसे ही अपने पैर से ठोकर मारी वैसे ही नाली की दीवार भरभराकर गिर गई. बारीकी से जांच करने पर पाया गया कि नाली के लिए बेस का निर्माण नहीं किया गया था.
वहीं नाली की दीवरों को भी डस्ट लगाकर भर दिया गया था. जबकि ऊपर से पटिया लगाकर निर्माण पूरा दिखाया जा रहा था. यह देखते ही महापौर आक्रोशित हो गए. उन्होंने फौरन ही नगर निगम के अभियंता हेमराज सिंह को फाोन लगाकर जमकर फटकार लगाई. इसके बाद महापौर ने संबंधित संविदाकार प्रशांत शुक्ला को भी फटकारा. इसी कड़ी में महापौर ने निर्देश दिए कि अब तक किऐ जा चुके निर्माण कार्य को गिराकर दोबारा कार्य शुरु कराया जाए. दरअसल वहां पर चल रहे घटिया निर्माण कार्य की शिकायत स्थानीय रहवासियों द्वारा की गई थी. जिसके चलते महापौर के निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद तिलकराज सोनी सहित स्थानीय लोग भी मौजूद रहे.
काश…हर जगह होती जांच
नगर निगम और सतना स्मार्ट सिटी द्वारा भले ही करोंड़ों रुपए के विकास कार्य शहर भर में कराए जा रहे हों. लेकिन नगर निगम के कुछ इंजीनियर और संविदाकारों के गठजोड़ के चलते हो रहे घटिया निर्माण कार्य सारे किए कराए पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं. इनमें से कई निर्माण कार्यों के गुणवत्ताविहीन होने के गंभीर आरोप कई बार सामने भी आ चुके हैं. लेकिन नगर निगम के कुछ काबिल इंजीनियर अपने वातानुकूलित कार्यालय से बाहर निकलकर स्थल निरीक्षण करने की जहमत ही नहीं उठाते हैं. कार्य पूरा हुआ या नहीं, कार्य की गुणवत्ता है या नहीं, मानकों का पालन हुआ या नहीं, इस तरह के मसलों का निबटारा और बिलों को पास करने काम चेंबर में बैठे-बैठे ही हो जाता है
