इंदौर: अर्जुन बड़ौदा बाईपास पर रोज़ाना जाम की स्थिति बन रही है. अब तक यहाँ हुए दर्दनाक हादसों में पाँच लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. शुक्रवार फिर महाजाम के कारण हजारों लोग घंटों तक परेशान रहे. जिसको देखते हुए जहां किसानों आक्रोश जताया वहीं पिछले दिनों महाजाम में फंस कर मरे पांच लोगों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की.
किसान नेता हंसराज मंडलोई ने बताया कि बायपास पर 500 मीटर की दूरी पर थाना और दो किलोमीटर पर तहसील मुख्यालय होने के बावजूद यातायात व्यवस्था संभालने की पहल नहीं की जा रही. पेट्रोलिंग और पुलिसिंग व्यवस्था भी बंद कर दी गई है. इसके चलते आए दिन अव्यवस्था फैलती है और लोग फंसते हैं. किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा और सरकारी नौकरी नहीं मिली तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जल्द ही बाईपास पर जाम लगाकर आंदोलन करेंगे. उनका कहना है कि पाँच मौतों के बाद भी अधिकारियों ने रवैया नहीं बदला. नेताओं का आरोप है कि टोल कंपनी और राजमार्ग विभाग लापरवाह बने हुए हैं. मांग की गई है कि दोषी अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए और कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए.
पूरी ताकत से उठाएंगे पाँच मौतों का मामला…
किसान नेताओं ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज हो. जब तक सर्विस रोड और पुल-पुलिया नहीं बनते, टोल वसूली बंद की जाए. मृतक परिवारों को मुआवज़ा और आश्रितों को सरकारी नौकरी मिले. बाईपास पर 24 घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग पार्टी तैनात हो.
