
भोपाल।शाहपुरा थाना पुलिस ने आबकारी विभाग से रिटायर्ड उपायुक्त विनोद रघुवंशी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. रघुवंशी को उनके निवास से साल 2003 के शराब ठेका फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार किया गया है. अब पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करेगी. कोर्ट ने इस मामले में पूर्व ही वारंट जारी किया था. बता दें कि भोपाल जिला कोर्ट ने बीते 7 जुलाई को रघुवंशी के मामले में सुनवाई करते हुए उन्हें चार साल की सजा सुनाई थी. रघुवंशी को अदालत ने शराब ठेका फर्जीवाड़े के मामले में दोषी पाया था. एक फर्म को फायदा पहुंचाने का मामला सामने आया. जिसके लिए रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और पार्टनरशिप डीड में हेराफेरी की घटनाएं सामने आई थी. इससे पहले साल 2023 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी. यह फर्जीवाड़ा उस समया हुआ था जब रघुवंशी जिला आबकारी अधिकारी के पद पर थे. फरियादी अजय अरोरा ने इस मामले में निजी शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार 5 मार्च 2002 को अजय अरोरा ने अशोक ट्रेडर्स फर्म में हिस्सेदारी ली थी और पार्टनरशिप डीड तैयार हुई थी. 6 मार्च 2002 को फर्म ने आबकारी के ठेके की नीलामी में हिस्सा लिया. इसके बाद आबकारी विभाग ने ठेके की नीलामी स्वीकार कर फर्म को ठेका आवंटित किया था. फर्म को इसके बाद शराब के व्यवसाय का अधिकार प्राप्त हुआ था.
