
ब्यावरा।सोसायटियों में कार्यरत सेल्समेन, सहायक समिति प्रबंधक, ऑपरेटरो के द्वारा अपनी प्रमुख मांगों को लेकर कामकाज बंद कर हड़ताल शुरु कर दी है जिससे शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में ताले लटक गये है. यदि हड़ताल लम्बी चलती है तो इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
जानकारी के अनुसार म.प्र. सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ की जिला इकाई द्वारा 8 से 25 सितंबर तक हड़ताल करना बताया जा रहा है. जिन मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है उनमें सहायक समिति प्रभारी के 60 प्रतिशत पद पदोन्नति करने, 2 अक्टूबर 2023 से प्रति विक्रेता 18 महीने का प्रति माह 3000 रुपये के हिसाब से 54000 रुपये मिलना थे जो मात्र 18 जिलों को मिला है. 34 जिलों को अभी भी यह राशि का भुगतान नहीं किया गया है जो कि तत्काल किया जाये. राज्य शासन ने कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का आदेश दिया है. कुछ जिलों में इसका भुगतान हो गया है परंतु राजगढ़ जिले में आज दिनांक तक भुगतान नहीं किया गया है. सभी कर्मचारियों को बड़े हुए वेतन का भुगतान तत्काल किया जावे तथा प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान, वन समिति, स्व सहायता समूह एवं उपभोक्ता भंडार पर जो राशन भेजा जाता है उसमें घटती होती है तो उसकी भरपाई के लिए 2 किलो प्रति क्विंटल पर क्षतिपूर्ति राज्य शासन के द्वारा दी जावे.
जिले में 622 दुकानें
जिले में 140 सोसायटियों के तहत 622 उचित मूल्य की दुकाने है, जिनमें हड़ताल के चलते ताले लटक गये है. इनके सेल्समेन, सहायक समिति प्रबंधक, ऑपरेटर हड़ताल पर चले गये है. कुल मिलाकर जिले भर में एक हजार से अधिक कर्मचारी है जो कि हड़ताल पर चले गये है. यदि हड़ताल लम्बे समय तक चलती हैै तो उपभोक्ताओं को राशन सामग्री नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ेगा. साथ ही खाद व अन्य कृषि सामग्री का भी वितरण नहीं होने से दिक्कते आ सकती है.
नपा कॉम्पलेक्स में धरना
कर्मचारियों के द्वारा बुधवार से अपनी मांगों को लेकर ब्यावरा में पीपल चौराहा के यहां नपा कॉम्पलेक्स परिसर में धरना दिया जा रहा है. इस दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष विश्राम सिंह, जगदीश सक्सेना, मनीष शर्मा, जगदीश गोस्वामी, विजय सिंह, रूप सिंह सोलंकी, नन्नूलाल हरिओम, महेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, नारायण यादव, इंदर सिंह, इंदर सिंह लोधी, दलपत सिंह तोमर सहित जिले भर से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए.
