भोपाल, 21 फरवरी (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने भोपाल में 24 और 25 फरवरी को आयोजित होने वाले ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के परिप्रेक्ष्य में विपक्षी दल कांग्रेस के आरोपों के परिप्रेक्ष्य में आज कहा कि उस दल के नेता झूठ और छल कपट की नकारात्मक राजनीति करते हैं।
श्री शर्मा ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 23 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम के स्थल निरीक्षण के बाद संवाददाताओं से चर्चा में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा झूठ और छल कपट की नकारात्मक राजनीति करती रही है। इसलिए कोई अच्छी बात कभी कांग्रेस के नेताओं के मुंह से निकलती ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से पहले मध्यप्रदेश एक ‘बीमारू’ राज्य था और दुरावस्था का शिकार था।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने प्रतिप्रश्न करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस पार्टी से वर्ष 2003 के पहले के उस मध्यप्रदेश की “दुरावस्था” का हिसाब मांगती है, तो क्या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ये हिसाब जनता को दे पाएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि 2003 के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने मध्यप्रदेश को खुशहाली और विकास के रास्ते पर आगे बढाना शुरू किया। प्रदेश में हुए इस विकास का हिसाब मध्यप्रदेश की जनता दे रही है।
उन्होंने कहा कि आज जो विकसित मध्यप्रदेश और कानून व्यवस्था की, जो सुदृढ़ स्थिति दिखाई देती है, यह भाजपा की सरकारों के काम का हिसाब है। श्री शर्मा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से मध्यप्रदेश सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है।
इसके पहले यहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में भोपाल में आयोजित होने वाले ग्लाेबल इंवेस्टर्स समिट को लेकर अनेक सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकारों के कार्यकाल में इस तरह के छह सम्मेलन हुए और उस समय के रिकॉर्ड देखें, तो जमीन पर मामला शून्य नजर आता है और इसका कोई हिसाब किताब भी सरकार के पास नहीं है।
दोनों कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 2003 से लेकर वर्ष 2016 तक पांच इन्वेस्टर्स समिट में 17 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव का दावा किया गया था। इसके बाद इंदौर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2023 में सरकार ने राज्य में लगभग 15 लाख 40 हज़ार करोड़ के निवेश का दावा कर दिया, यानी मध्यप्रदेश में लगभग 32 लाख करोड रुपए के निवेश का दावा किया गया था, जबकि हकीकत यह है कि 2003 से लेकर वर्ष 2023 तक 6 इन्वेस्टर्स समिट में 32 लाख 45 हजार करोड़ रुपए के दावे के मुकाबले जमीन पर केवल 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपए का आंकड़ा ही सामने आया। उन्होंने कहा कि ये आंकड़ा सरकार को प्राप्त कुल निवेश प्रस्ताव का 10 प्रतिशत ही है।
श्री पटवारी ने कहा कि इंदौर में 11 और 12 जनवरी 2023 को हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश और इससे 29 लाख रोजगार सृजन का दावा किया गया था। लेकिन मात्र 1़ 95 लाख करोड़ रुपए का निवेश और मात्र 38 हजार नए रोजगार सृजित हुए। वास्तव में जमीन पर कुछ नजर नहीं आया। अनेक निवेशकों ने जमीनें तक लौटा दीं।
