कृष्णपुरा छत्रियों के घाट गंदगी से पटे
इंदौर: शहर के बीच से होकर गुजर रही कान्ह नदी में गंदगी का अंबार लगा हुआ है. स्थिति यह है कि स्वच्छता अभियान में इस और किसी का ध्यान ही नहीं गया कि कृष्णपुरा छत्रियों के घाट भी गंदगी से पटे पड़े है. यह बात अलग है कि नगर निगम द्वारा नाले को नदी बताकर नदी सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है.नगर निगम मुख्यालय से चंद कदम दूर किशनपुरा पुल और कृष्णपुरा छत्रियां के घाट और किनारे गंदगी से भरे पड़े है.
बारिश करीब करीब समाप्त होने को है और उक्त स्थल और घाटों से गंदी बदबू उपर सड़क तक आ रही है. नगर निगम द्वारा नाला टेपिंग और गंदा पानी कान्ह नदी में नहीं मिलने के लिए सीवरेज लाइन और स्ट्रॉम वाटर लाइन डालने का कार्य लगातार किया जा रहा है. इसके बावजूद कान्ह सरस्वती नदी नाले में ही तब्दील है. साथ नदी में बहने वाला गंदा पानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतना कला पानी समुद्र में भी नहीं है, जितना कृष्णपुरा छत्रियां के पास बह रहा है. स्वास्थ्य विभाग प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने कहा कि बारिश के पानी की कारण गंदी बहकर आई है. नदी गहरीकरण कार्य भी करवाया था. अभी अधिकारियों को बोलकर गंदगी हटवाता हूं और कृष्णपुरा घाटों की सफाई के निर्देश देता हूं.
3 हजार करोड़ रुपए खर्च पर फिर भी नाला ही नजर आ रहा
पिछले करीब 30 सालों से कान्ह और सरस्वती के नाले को नदी में तब्दील करने के काम में 3 हजार करोड़ रुपए नगर निगम ने खर्च कर दिए है. आज तक कृष्णपुरा का नाला, कान्ह और सरस्वती नदी में तब्दील नहीं हुआ है. इसमें आज भी उतना ही काला और गंदा पानी बहता है, जितना 30 साल पहले बहा करता था. स्थिति यह है की नाला टेपिंग और सीवरेज लाइन उक्त नाले में नहीं मिलने एक बाद भी हालत में सुधार नहीं है, बल्कि जरा सी बारिश में शहर एमआर भी पानी भरता है और नाले में सफेद झाग बनते है, जो रासायनिक गंदगी का प्रमाण है
