इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पत्रकारों को बताया कि इंदौर में सोमवार की शाम हुई सड़क दुर्घटना बेहद दुखद है. राज्य शासन ने घटना को पूरी गंभीरता के साथ लिया है. दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है. घटना की पुनरावृति भविष्य में नहीं हो, इसके पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं. घटना की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह द्वारा कराई जा रही है. जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में पहुँचकर घायलों से मिलने के पश्चात कलेक्टर कार्यालय में जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक ली. बैठक में उन्होंने कहा कि यह घटना विचलित करने वाली बेहद दुःखद है. मैं इस घटना से स्वयं व्यथित हूं. मुझे रातभर बैचेनी रही, मैं ठीक से सो भी नहीं पाया.
आज के सारे कार्यक्रम रद्द कर सीधे इंदौर पहुँचा और घायलों से मिलने विभिन्न अस्पतालों में गया. उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए. घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार घटना की पुनरावृति नहीं हो, इसके लिए विशेष इंतजाम करेगी. अतिरिक्त मुख्य सचिव को इस संबंध में परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है.
इस संबंध में आवश्यक प्रबंधन जैसे ड्रोन, अनियंत्रित वाहनों को रोकने की व्यवस्था, यातायात नियंत्रण आदि के बारे में भी रिपोर्ट देने को कहा गया है. एलिवेटेड ब्रिज सहित अन्य निर्माण की संभावनाएं भी पता करने के निर्देश दिए गए. उन्होंने सुझाव देने के लिए जल्द ही जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम सहित अन्य विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए.
बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, आकाश विजयवर्गीय, सावन सोनकर,प्रताप करोसिया, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे. इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव सहित जिला प्रशासन और पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
