
छतरपुर। बुंदेलखंड को लंबे समय से जिस उपलब्धि का इंतजार था, वह अब पूरी हो गई है। चौका गांव स्थित कृष्णा यूनिवर्सिटी को आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की मान्यता मिल गई है। आयुष विभाग ने इसे 2025-26 शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की मंजूरी प्रदान की है। यह कॉलेज क्षेत्र का पहला आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज होगा, जहाँ से छात्रों को BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) की डिग्री प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
जनसंपर्क अधिकारी ने जानकारी दी कि इस कॉलेज की शुरुआत से न केवल शैक्षिक विकास होगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। छतरपुर और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को अब बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह पहल आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता और वैश्विक स्तर पर इसकी मांग को देखते हुए यह कॉलेज छात्रों के लिए करियर निर्माण का बड़ा अवसर साबित होगा। बुंदेलखंड क्षेत्र में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
