बैतूल: बारिश के मौसम में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बावजूद शहरवासियों को एक दिन छोड़कर ही पेयजल मिल रहा है। करीब सवा लाख की आबादी वाले बैतूल शहर में फिल्टर प्लांट की क्षमता कम होने और टंकियों को भरने में समय लगने से यह स्थिति बनी हुई है।नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि विवेकानंद वार्ड का 12 एमएलडी क्षमता वाला फिल्टर प्लांट 10 टंकियों को एक साथ भरने में सक्षम नहीं है। शहर को रोजाना करीब 80 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है, जबकि मौजूदा क्षमता इसके लिए पर्याप्त नहीं है।
कोठीबाजार में छह माह पहले बनी 10 लाख लीटर की टंकी अब तक सप्लाई लाइन से नहीं जुड़ पाई है। नगर पालिका का तर्क है कि खाली रहने पर टंकी में क्रैक आने का डर है, इसलिए इसे आधा पानी भरकर ही रखा गया है।अमृत 2.0 योजना के तहत चार नई टंकियों का निर्माण शुरू किया गया है। इनमें से दो पर काम जारी है, जबकि दो जमीनी विवाद में अटकी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक फिल्टर प्लांट की क्षमता 12 एमएलडी से बढ़ाकर 24 एमएलडी नहीं की जाती, तब तक नई टंकियों का लाभ नहीं मिल पाएगा।जागरूक नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका को तत्काल प्लांट की क्षमता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए, अन्यथा आने वाले समय में शहरवासियों को और भी गंभीर पेयजल संकट झेलना पड़ेगा।
