
भुआ बिछिया/मंडला। जनपद पंचायत बिछिया की ग्राम पंचायत भीमा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र महीनों से बदहाल है। ग्रामीणों के अनुसार जुलाई 2025 से अब तक केंद्र नियमित रूप से नहीं खुल रहा है। न तो छोटे बच्चों को केंद्र लाया जा रहा है और न ही शासकीय योजनाओं के तहत मिलने वाला पोषण आहार वितरित किया जा रहा है। इस लापरवाही का सीधा असर नन्हे बच्चों और गर्भधात्री महिलाओं पर पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत की सरपंच रामकुमारी सैयाम, ओम नरेश सैयाम और किशोर यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र सप्ताह में केवल एक-दो बार खुलता है, वह भी बिना सूचना के। बच्चों को न तो मिड-डे मिल्क दिया जा रहा है और न ही पोषण आहार की व्यवस्था की जा रही है। धात्री महिलाओं को न तो पोषक आहार मिल रहा है और न ही गर्भावस्था से संबंधित आवश्यक जानकारी। ग्रामीणों का सवाल है कि सरकारी योजनाओं के तहत आने वाला आहार आखिर जाता कहां है।
इसके अलावा गांव की आशा कार्यकर्ता की लापरवाही की भी शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आशा कार्यकर्ता गांव से लगभग 25 किमी दूर निवासरत है, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को समय पर सहयोग और जानकारी नहीं मिल पाती। डिलीवरी के समय परिवारों को सही मार्गदर्शन न मिलने से महिलाओं को इधर-उधर भटकना पड़ता है। परिवार नियोजन और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी समय पर नहीं पहुंच पाती।
इस मामले में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी भुआ बिछिया विनोद कुमार वाहने ने कहा कि “मुझे अभी जानकारी मिली है। मैं शीघ्र ही ग्राम भीमा केंद्र की स्थिति की जांच कराऊंगा और जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्र को तुरंत नियमित किया जाए, ताकि बच्चों और माताओं को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
