मुलताई: नगर के मध्य से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर लगभग एक वर्ष पूर्व दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था। नियमों के अनुसार सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक इन वाहनों को स्मृति भवन के पास से होते हुए मासोद रोड और बायपास मार्ग से निकलना था, साथ ही दिन में लोडिंग-अनलोडिंग पर भी रोक थी।
लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते इन नियमों का पालन नहीं हो रहा।
दिन में भारी वाहन नगर के बीचों-बीच से गुजरते हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। पहले भी बसों और वाहनों से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार मौन हैं।इंदौर में हाल ही में भारी वाहन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। बावजूद इसके मुलताई में लापरवाही जारी है।
स्मृति भवन चौराहे पर नाका तो बना है, लेकिन वहां सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं रहते, जिससे ट्रक और ट्रेलर सीधे परिक्रमा मार्ग से निकलते हैं। यह मार्ग श्रद्धालुओं की भीड़ से भरा रहता है, ऐसे में कभी भी अनहोनी हो सकती है।एसपी बैतूल वीरेंद्र जैन ने कहा कि वे हाल ही में पदस्थ हुए हैं और किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस को सख्त निर्देश दिए जाएंगे।हालांकि, नगर में पुलिस बल की कमी भी बड़ी समस्या है। मुलताई थाने और नागपुर नाके पर पर्याप्त जवान तैनात नहीं होते। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के अभाव में बस स्टैंड और जयस्तंभ चौराहे पर अव्यवस्था बनी रहती है।
