तेहरान, 16 सितंबर (वार्ता) ईरान ने दोहा में अरब-इस्लामी आपातकालीन शिखर सम्मेलन में इज़रायल-फ़िलिस्तीन संघर्ष के लिए द्वि-राष्ट्र समाधान संदर्भ को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह दृष्टिकोण समस्या की जड़ तक पहुँचने में विफल रहा है।
ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “तथाकथित द्वि-राष्ट्र समाधान फ़िलिस्तीनी समस्या का समाधान नहीं करेगा। एकमात्र वास्तविक और स्थायी समाधान, अधिकृत क्षेत्रों के अंदर और बाहर, सभी फ़िलिस्तीनियों की भागीदारी के साथ एक जनमत संग्रह के माध्यम से एक एकल लोकतांत्रिक राज्य की स्थापना है।”
शिखर सम्मेलन ने अरब शांति पहल और पूर्वी यरुशलम को फ़िलिस्तीनी राजधानी के रूप में द्वि-राष्ट्र समझौते का आह्वान करने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रस्तावों के प्रति समर्थन की पुष्टि की। ईरान ने फिलिस्तीनी लोगों के “आत्मनिर्णय के अविभाज्य अधिकार” और इसे प्राप्त करने के लिए “सभी आवश्यक साधनों” के उपयोग की बात दोहराई है और इज़रायल के कथित “क्रूर अपराधों” की भी निंदा की।
यमन के एक वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद अली अल-हूती ने कहा कि कार्यक्रम में सिर्फ “निंदा का एक साधारण और थकाऊ बयान कब्ज़ा करने वालों के अपराधों को नहीं रोक पाएगा” और उन्होंने कड़े कदम उठाने का आग्रह किया।
अरब और इस्लामी नेताओं ने इस सम्मेलन में अपने अंतिम बयान में इज़रायल पर “नरसंहार, जातीय सफाया, भुखमरी और घेराबंदी” करने का आरोप लगाते हुये चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाई शांति प्रयासों को कमजोर करती हैं।

