
भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां और मातृभाषा से बड़ा कोई नहीं। जैसे मां के चरणों में चारधाम हैं, वैसे ही मातृभाषा की गोद में आनंदधाम है। हिन्दी हमारी संस्कृति को जोड़ने वाली भाषा है और विश्व में तीसरे स्थान पर बोली जाती है।
रवीन्द्र भवन में आयोजित भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान में मुख्यमंत्री ने 10 मूर्धन्य साहित्यकारों को राष्ट्रीय हिन्दी भाषा सम्मान प्रदान किए और कई साहित्यिक पुस्तकों का लोकार्पण किया। इसी अवसर पर विक्रमोत्सव 2025 को वॉव अवार्ड एशिया की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवार्ड मिला।
कार्यक्रम में Be Indian, Buy Indian अभियान और विश्व हिंदी ओलंपियाड के पोस्टर का विमोचन हुआ। संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश सरकार हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत है। आरएनटीयू कुलगुरु डॉ. संतोष चौबे ने मुख्यमंत्री को विश्व हिंदी ओलंपियाड के समापन में मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर मंत्रीगण, विधायक, विद्वतजन और बड़ी संख्या में साहित्य एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।
