नयी दिल्ली, 15 सितंबर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय की ओर नियुक्त विशेष जाँच दल ने रिलायंस फाउंडेशन के वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण केंद्र ‘वंतारा’ को क्लीन चिट दी है।
न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने शीर्ष अदालत की ओर से गठित जांच दल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मौखिक रूप से कहा कि पशुओं को गोद लेकर उसकी देखभाल करने के मामले में नियमों की अनदेखी करने समेत अन्य आरोपों में प्रथम दृष्टया सच्चाई नहीं दिखती।
पीठ ने आगे कहा, “न्यायालय द्वारा गठित विशेष जाँच दल को कोई गड़बड़ी नहीं मिली।”
अदालत ने कहा कि पशुओं को गोद लेना नियामक तंत्र के अंतर्गत आता है। अदालत ने कहा कि न्यायालय इस रिपोर्ट को अपने आदेश का हिस्सा बनाएगा।
वनतारा रिलायंस फाउंडेशन के तहत अनंत अंबानी द्वारा जामनगर में विकसित 3,000 एकड़ का एक विशाल संरक्षण केंद्र है। यह पीड़ित, घायल और लुप्तप्राय जानवरों के लिए एक आश्रय प्रदान करता है। इसमें एक अत्याधुनिक वन्यजीव अस्पताल भी है, जिसमें एमआरआई, सीटी स्कैन और आईसीयू जैसी सुविधाओं उपलब्ध है।
