
नयी दिल्ली, 15 सितंबर (वार्ता) दिल्ली के द्वारका जिले में सोमवार तड़के पुलिस ने गैंगस्टर और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर 35 लाख रुपये नकद और 50 लाख के जेवर तथा हथियार बरामद कर बड़ी कामयाबी हासिल की।
उपायुक्त द्वारका अंकित सिंह ने बताया कि 25 टीमों और 380 से अधिक पुलिसकर्मियों ने एक साथ दिल्ली और हरियाणा के 25 स्थानों पर दबिश दी गयी, जिसमें छह कुख्यात अपराधी गिरफ्तार किए गए और 26 लोग हिरासत में लिए गए। पुलिस ने इस कार्रवाई को गैंगस्टरवाद की रीढ़ तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
यह अभियान द्वारका के उपायुक्त की देखरेख और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रामअवतार और कई थाना प्रभारियों के नेतृत्व में चलाया गया। पुलिस ने बताया कि छापों के दौरान 34.75 लाख रुपये नकद, करीब 50 लाख रुपये के ज़ेवरात, पांच देसी पिस्तौल, तीन मैगजीन, 12 से अधिक कारतूस, बुलेटप्रूफ फॉर्च्यूनर, एक ऑडी कार, वॉकी-टॉकी सेट, हाई-एंड घड़ियां, लैपटॉप और कैश गिनने की मशीन बरामद हुई। बरामदगी में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल हैं, जिनसे गैंग के विदेश में बैठे सरगनाओं के संपर्कों की जांच हो रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू और विकी टक्कर गिरोह से जुड़े शूटर और उनके साथी शामिल हैं। इनमें पवन उर्फ प्रिंस, हिमांशु उर्फ मच्छी, प्रशांत, राहुल दिवाकर उर्फ मनप्रीत, अंकित उर्फ नोनी और परवीन उर्फ डॉक्टर प्रमुख हैं। ये सभी हत्या की कोशिश, कारजैकिंग, फिरौती और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में पहले से वांछित थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ आरोपी 20 से ज्यादा मामलों में शामिल रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह अब तक का सबसे बड़ा समन्वित ऑपरेशन है जिसका मकसद दिल्ली और एनसीआर में सक्रिय गैंगस्टरों के नेटवर्क को ध्वस्त करना और उनके आर्थिक स्रोतों पर करारी चोट करना है। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और पुलिस को कई अहम खुलासों की उम्मीद है।
