
ग्वालियर। हिंदी भाषा हमें देश- प्रेम व अपनत्व के भाव से जोड़ती है। हिंदी बोलते ही हम स्वत: हिंदुस्तानी हो जाते हैं,भारतीय हो जाते हैं। और हमारे अंदर राष्ट्र की शक्ति समाहित हो जाती है। ये बात जज सोनल सिंह जादौन ने केदारपुर स्थित वनवासी छात्रावास में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में कही। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित किशोर के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में ग्वालियर ऑब्सट्रेटिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी के सहयोग से इस शिविर का आयोजन किया गया। ग्वालियर ऑब्सट्रेटिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी की अध्यक्ष डॉ रीता मिश्रा ने कहा कि हम दुनिया में आते ही सबसे पहले हिंदी में ही मां बोलते हैं । हम दूसरे से भले ही किसी भी भाषा से जुड़ें लेकिन स्वयं से हिंदी में ही जुड़ते हैं। हिंदी में ही सोचते हैं। न्यूरोसर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अविनाश शर्मा ने कहा कि हमारे देश में थोड़ी-थोड़ी दूर पर ही बोली बदल जाती है। लेकिन भाषा हिंदी ही रहती है। अनेकता में एकता ही हमारे देश की विशेषता है। हम हिंदी से जुड़े हैं, तो विश्वाश रहता है कि मजबूती से खड़े हैं। जिला विधिक सहायता अधिकारी सनातन सेन ने कहा कि हिंदी हम सबको जोड़ने वाली भाषा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोक अभियोजक व केदारपुर सेवा भारती छात्रावास के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने की। कार्यक्रम का संचालन अधिकार मित्र (पीएलवी ) अंशुमान शर्मा ने किया। अधिकार मित्र (पीएलवी) ज्योति शर्मा ने विधिक सेवा का परिचय दिया। आभार प्रकट कम्पू मातृछाया के सचिव सुरेश मित्तल ने प्रकट किया। अतिथियों का स्वागत केदारपुर सेवा भारती छात्रावास अधीक्षक गब्बर सिंह मदुरिया ने किया।
