भिंड: चंबल के बाद अब शहर के प्राचीन गौरी सरोवर में भी दुर्लभ कछुए दिखाई दिए हैं। सरोवर किनारे पेड़ के नीचे ये कछुए दिखे। विशेषज्ञ विकास वर्मा ने बताया कि ये निल्सोनिया गैंगेटिका (भारतीय सॉफ्टशेल कछुआ) प्रजाति के हैं, जिनकी उम्र 60 से 80 साल तक होती है।
ये मछली, घोंघे और मृत जीव खाकर सरोवर की सफाई करते हैं और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखते हैं। यह उत्तर और उत्तर–पूर्व भारत के गंगा–ब्रह्मपुत्र नदी में पाया जाता है।
