
मुलताई। प्रभात पट्टन के सरकारी अस्पताल में बीएमओ डॉ. जितेंद्र अत्रे द्वारा मरीज के साथ मारपीट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. मनोज हूरमाड़े ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है।जांच टीम शनिवार को मामले की जांच करने पहुंची थी, लेकिन इस दौरान पीड़ित सहित ग्रामीण सरकारी अस्पताल पहुंचे एवं जांच टीम से बीएमओ जितेन्द्र अत्रे को हटाकर जांच करने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए।जांच टीम में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश परिहार, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय खातरकर और बैतूल बाजार अस्पताल के डॉ. संगम मांडवी शनिवार को जब अस्पताल पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर अस्पताल परिसर मे ही धरने पर बैठ गए और जांच रोक दी। पीड़ित प्रदीप पाटिल सहित गौतम उबनारे, प्रणव पटेल, हरीश शिवहरे ने मांग करते हुए पहले बीएमओ को पद से हटाया जाए। उनका कहना है कि बीएमओ पद पर रहते हुए डॉ. अत्रे जांच को प्रभावित कर सकते हैं।इस दौरान जांच टीम मौके पर उपस्थित रही लेकिन विरोध के चलते जांच नहीं कर पाई। अब देखना यह है कि प्रशासन डॉ अत्रे को हटाकर कार्रवाई करता है या वैसे ही जांच करवाता है।वहीं पीड़ित प्रदीप पाटिल का कहना है कि उसके घर में पिता, बच्चे और पत्नी की तबीयत खराब थी। वह अपने बच्चे और पत्नी को इलाज के लिए अस्पताल लाया था, लेकिन उसके बच्चे को वरुड रेफर किया जा रहा था। जब उसने डॉक्टर अत्रे से कहा कि मेरे बच्चे का आप इलाज कर दीजिए। इसी बात पर से डॉक्टर भड़क गए और उन्होंने उसके साथ जमकर मारपीट की। पीड़ित ने मामले में डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई कि मांग की है।
