भिण्ड: सहकारिता कर्मचारी संघ ने जिला पंचायत कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए कहा कि अगर समस्याओं का हल तुरंत नहीं किया गया तो 22 सितंबर को जिला सहकारी बैंक और उपायुक्त कार्यालय की तालाबंदी करेंगे। इस दौरान सहकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने आंदोलन के लिए प्रशासन को जिम्मेदारी ठहराया। आंदोलन पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि जिले में 60 फीसदी कर्मचारियों का चयन आज तक नहीं हो सका है।
वहीं, अक्टूबर 2023 से प्रति विक्रेता 18 माह का 54 हजार रुपए सिर्फ 18 जिलों में बांटा गया है। बाकी 34 जिलों में जिनमें भिण्ड भी शामिल है, अब तक कर्मचारियों को एक पैसा नहीं मिला। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दिनों जिला प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी दिया था।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि बढ़ा हुआ वेतन शासन ने मंजूर कर दिया, लेकिन कई जिलों में प्रतिमाह वेतन पुराने हिसाब से ही मिल रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार आदेश जारी करती है, पर जिम्मेदार अफसर उन्हें लागू करने में टालमटोल करते हैं। जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंह परमार ने कहा कि हमारी समस्याएं वर्षों से अनसुनी की जा रही हैं। अब मजबूरी में आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी है। 22 सितंबर को कलेक्टर दफ्तर और बैंक पर तालाबंदी होगी।
