
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य की भाजपा सरकार पर गेहूं खरीदी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाई है जिससे किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज बेच ही नहीं पा रहे हैं। उनके अनुसार, पहले बारदाने की कमी का हवाला देकर खरीदी प्रक्रिया में करीब एक महीने की देरी की गई, जिससे छोटे किसानों को मजबूरी में बिचौलियों को कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ा।
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि खरीदी शुरू होने पर सैटेलाइट सर्वे के नाम पर किसानों की स्लॉट बुकिंग निरस्त की जा रही है, जिससे किसान परेशान हैं। साथ ही स्लॉट बुकिंग की लगातार समस्याएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले छोटे किसानों की खरीदी और बाद में बड़े किसानों की व्यवस्था भी एक रणनीति है।
उन्होंने बताया कि 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, लेकिन 23 अप्रैल तक केवल 7 लाख किसानों को ही स्लॉट मिल सका। इसे उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करने वाला बताया और अधिकतम खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की।
