नयी दिल्ली, 11 सितम्बर (वार्ता) कांग्रेस ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल-सीआरपीएफ की ओर से पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे गये पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया करते हुए इसे डराने की कोशिश करार दिया है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने गुरुवार को पत्र का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सीआरपीएफ के पत्र भेजने का समय और उसे तुरंत सार्वजनिक करने की मंशा परेशान करने वाली है। उनका कहना था कि श्री गांधी की सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर लिखे पत्र और उसे सार्वजनिक करने का समय सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा “यह पत्र ऐसे समय में आया है जब श्री गांधी चुनाव आयोग की मिलीभगत से भाजपा द्वारा की जा रही वोट चोरी के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। क्या यह विपक्ष के नेता को डराने की एक छिपी हुई कोशिश है, जिन्होंने पहले ही एक और खुलासे की घोषणा कर दी है। क्या सरकार उनके द्वारा उजागर किए जाने वाले सच से घबरा गई है।”
सीआरपीएफ के वीवीआईपी सुरक्षा प्रमुख सुनील जून ने श्री खरगे को बुधवार को पत्र लिखा है जिसमें श्री गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। पत्र में कहा गया है कि श्री गांधी अपनी सुरक्षा को ‘गंभीरता से’नहीं ले रहे हैं और बिना सूचना दिये विदेश यात्रा पर जा रहे हैँ।
सीआरपीएफ ने श्री गांधी की इस साल की कुछ विदेश यात्राओं का जिक्र पत्र में करते हुए कहा है कि श्री गांधी 30 दिसंबर से 9 जनवरी तक इटली की यात्रा गये फिर 12 से 17 मार्च तक वियतनाम, 17 से 23अप्रैल दुबई, 11 से 18 जून कतर, 25 जून से 6 जुलाई लंदन और हाल ही में चार दिन तक मलेशिया की यात्रा में गये हैं।
गौरतलब है कि श्री गांधी को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है जो गंभीर खतरे की आशंका वाले व्यक्तियों को प्रदान की जाती है।

